नवांशहर

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यह गुरूद्वारा नववंशशहर स्थित हकीमपुर गांव में स्थित है। इस जगह से नववंशशहर पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जब गुरू हर राय साहिब जी करतारपुर से कीर्तपुर साहिब की ओर जा रहे थे तो उन्होंने इसी स्थान पर विश्राम किया था। गुरूद्वारे के समीप ही पीपल और नीम का वृक्ष था। जिन पर गुरू जी ने अपने घोड़ों को बांधा था। आज भी यह वृक्ष इस जगह पर स्थित है। इस गुरूद्वारे का निर्माण महाराजा रंजीत सिंह ने करवाया था। महाराजा रंजीत सिंह को पंजाब का शेर भी कहा जाता था।

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